Matthew VanDyke News in Hindi : अमेरिकी नागरिक को भारत छोड़ने की अनुमति, NIA की जांच जारी
Matthew VanDyke News in Hindi: अमेरिकी नागरिक को भारत छोड़ने की अनुमति, NIA की जांच जारी
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक (Matthew Aaron VanDyke) और छह यूक्रेनी नागरिकों से जुड़े मामले में सितंबर 2026 में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को अपने-अपने देशों में एक महीने के लिए जाने की अनुमति दी है। हालांकि, इस मामले में NIA की UAPA के तहत जांच अभी जारी है।
Matthew VanDyke कौन हैं?
Matthew Aaron VanDyke एक अमेरिकी नागरिक हैं और Sons of Liberty International नाम की संस्था के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं। मार्च 2026 में उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच का संबंध म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को कथित ड्रोन-वारफेयर प्रशिक्षण देने से था।
VanDyke को भारत में क्यों गिरफ्तार किया गया था?
NIA के अनुसार, VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों पर म्यांमार स्थित कुछ ethnic armed groups से संपर्क और ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों की जांच की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, समूह ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र से म्यांमार में प्रवेश किया था। बाद में वे भारत लौटे और मार्च 2026 में अलग-अलग हवाई अड्डों से गिरफ्तार किए गए। VanDyke को 13 मार्च को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
शुरुआत में VanDyke पर UAPA की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह धारा आतंकवादी गतिविधि से संबंधित साजिश, उकसावे या सहायता जैसे मामलों में लगाई जा सकती है।
सितंबर 2026 में क्या हुआ?
8 सितंबर 2026 को NIA ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। महत्वपूर्ण बात यह थी कि इस चार्जशीट में VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ उस समय UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गईं। इसके बजाय NIA ने Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाए।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि NIA ने पूरे UAPA मामले को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। NIA की ओर से अदालत में कहा गया कि UAPA से जुड़ी जांच जारी है और आगे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कार्रवाई या चार्जशीट हो सकती है।
VanDyke को डिफॉल्ट बेल कैसे मिली?
VanDyke को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था। सितंबर में जांच की वैधानिक अवधि पूरी होने के बाद उनके वकीलों ने default bail की मांग की। 18 सितंबर को दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने उन्हें ₹1 लाख के व्यक्तिगत बॉन्ड और ₹1 लाख की जमानत पर डिफॉल्ट बेल दी। छह यूक्रेनी नागरिकों को भी बाद में इसी मामले में डिफॉल्ट बेल मिली।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि default bail को अदालत द्वारा आरोपों से बरी किया जाना नहीं माना जाता। इसका संबंध निर्धारित समय में जांच पूरी करके आरोपपत्र दाखिल न होने जैसी कानूनी परिस्थितियों से है।
VanDyke को भारत छोड़ने की अनुमति क्यों मिली?
24 सितंबर 2026 के अदालत के आदेश के बाद VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों को अपने-अपने देशों में एक महीने के लिए जाने की अनुमति दी गई। VanDyke को अमेरिका और छह यूक्रेनी नागरिकों को यूक्रेन जाने की अनुमति मिली। अदालत ने उनके पासपोर्ट जारी करने की भी अनुमति दी।
रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें अपने पते और संपर्क संबंधी जानकारी NIA को देनी होगी तथा जांच में आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करना होगा। उन्हें निर्धारित अवधि के बाद भारत लौटने और वापसी की जानकारी अदालत को देने की शर्त भी रखी गई है।
क्या VanDyke को पूरी तरह आरोपों से बरी कर दिया गया है?
नहीं। यह इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। पहली चार्जशीट में UAPA के आरोप शामिल नहीं किए गए हैं, लेकिन NIA की UAPA जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अदालत ने VanDyke को आतंकवाद के आरोपों से अंतिम रूप से निर्दोष घोषित कर दिया है। इसी तरह, VanDyke को भारत से एक महीने के लिए बाहर जाने की अनुमति मिलना भी पूरे मामले के खत्म होने के बराबर नहीं है।
₹5.5 लाख की बात क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार, VanDyke और छह अन्य आरोपियों पर Immigration and Foreigners Act के तहत लगाए गए उल्लंघनों को compound करने के लिए प्रति व्यक्ति ₹5.5 लाख की राशि जमा की गई। इसके बाद immigration-related मामले में आगे की कानूनी स्थिति बदली। इस बिंदु को लेकर सोशल मीडिया और कुछ वीडियो में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, इसलिए इसे "आतंकवाद के आरोपों से बरी होने" के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
रूस की खुफिया जानकारी का दावा
दावा किया गया है कि रूस की intelligence ने VanDyke और यूक्रेनी नागरिकों से संबंधित जानकारी भारत की RAW तक पहुंचाई थी और उसके बाद भारतीय एजेंसियों ने कार्रवाई की। लेकिन इस दावे को वर्तमान उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में उसी रूप में स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किया गया है। इसलिए इसे खबर में "दावा" या "रिपोर्ट में कहा गया" के रूप में ही लिखना चाहिए, तथ्य के रूप में नहीं।
क्या उन्हें हमेशा के लिए भारत से जाने दिया गया है?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ऐसा कहना सही नहीं होगा। अदालत ने उन्हें एक महीने के लिए विदेश जाने की अनुमति दी है। NIA की जांच जारी है और उन्हें जांच में आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करना है। इसलिए "VanDyke को भारत ने हमेशा के लिए छोड़ दिया" जैसी headline वर्तमान अदालत के आदेश की पूरी तस्वीर नहीं बताती।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल क्या है?
इस मामले में तीन अलग-अलग कानूनी और सुरक्षा पहलुओं को अलग रखना जरूरी है:
- Immigration violation: भारत में प्रवेश और वीजा/परमिट से संबंधित आरोप।
- UAPA investigation: कथित आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी NIA जांच, जो अभी जारी बताई गई है।
- Myanmar में कथित गतिविधियां: जिनमें ड्रोन प्रशिक्षण और ethnic armed groups से संपर्क के आरोप शामिल हैं।
इन तीनों को एक ही चीज मानना कानूनी रूप से सही नहीं होगा।
राजनीतिक विवाद भी बढ़ा
VanDyke को भारत से बाहर जाने की अनुमति मिलने के बाद राजनीतिक विवाद भी सामने आया। विपक्षी नेताओं ने सरकार से सवाल पूछे हैं और इस मामले में अमेरिकी दबाव की भूमिका पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, ऐसे राजनीतिक आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में सरकार या NIA की ओर से अमेरिकी दबाव के कारण यह अनुमति दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
निष्कर्ष
Matthew VanDyke case की 27 सितंबर 2026 तक की स्थिति संक्षेप में यह है:
- VanDyke को मार्च 2026 में NIA ने गिरफ्तार किया था।
- उनके साथ छह यूक्रेनी नागरिक भी गिरफ्तार हुए थे।
- शुरुआत में UAPA की धारा 18 के तहत कार्रवाई की गई थी।
- सितंबर में NIA की पहली चार्जशीट में UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गईं।
- Immigration and Foreigners Act के तहत आरोप लगाए गए।
- NIA ने कहा कि UAPA जांच अभी जारी है।
- VanDyke को डिफॉल्ट बेल मिली।
- दिल्ली की विशेष अदालत ने VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अमेरिका/यूक्रेन जाने की अनुमति दी।
- यह अनुमति मामले में अंतिम बरी होना नहीं है।
- आगे NIA की जांच और संभावित supplementary chargesheet इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है।
FAQ
वे अमेरिकी नागरिक और Sons of Liberty International के संस्थापक हैं।
उन्हें 13 मार्च 2026 को NIA ने गिरफ्तार किया था।
शुरुआत में UAPA की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन सितंबर की पहली चार्जशीट में UAPA की धाराएं शामिल नहीं थीं। NIA ने कहा कि UAPA जांच जारी है।
नहीं। अदालत ने उन्हें अमेरिका जाने की अनुमति एक महीने के लिए दी है और जांच में सहयोग करने की शर्तें रखी गई हैं।
ऐसा कहना सही नहीं होगा। UAPA से संबंधित जांच अभी जारी बताई गई है।

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